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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 60
एता गुरुश्रोणिपयोधरत्वादात्मानमुद्वोढुमशक्नुवत्यः । गाढाङ्गदैर्बाहुभिरप्सु बालाः क्लेशोत्तरं रागवशात्प्लवन्ते ॥
ये स्त्रियाँ अपने भारी नितम्ब और स्तनों के कारण स्वयं को संभाल नहीं पातीं, इसलिए एक-दूसरे के भुजाओं का सहारा लेकर जल में प्रेमवश तैरती हैं।
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