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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 6
अथानपोढार्गलमप्यगारं छायामिवादर्शतलं प्रविष्टाम् । सविस्मयो दाशरथेस्तनूजः प्रोवाच पूर्वार्धविसृष्टतल्पः ॥
बिना द्वार खोले ही घर में प्रवेश कर आई उस स्त्री को देखकर, दाशरथी कुश आश्चर्यचकित होकर बिस्तर से उठते हुए उससे बोला।
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