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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 59
विलुप्तमन्तःपुरसुन्दरीणां यदञ्जनं नौलुलिताभिरद्भिः । तद्बध्नतीभिर्मदरागशोभां विलोचनेषु प्रतिमुक्तमासाम् ॥
अन्तःपुर की स्त्रियों के नेत्रों का अंजन जल में धुल गया, और उसी जल को पुनः आँखों में लगाकर उन्होंने अपने नेत्रों की शोभा बढ़ा ली।
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