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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 57
परस्पराभ्युक्षणतत्पराणां तासां नृपो मज्जनरागदर्शी । नौसंश्रयः पार्श्वगतां किरातीमुपात्ताबालव्यजनां बभाषे ॥
आपस में जल छिड़कती हुई उन स्त्रियों को देखकर राजा ने स्नान का आनंद लेते हुए पास खड़ी एक सेविका से कहा।
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