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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 50
स्नानार्द्रमुक्तेष्वनुधूपवासं विन्यस्तसायंतनमल्लिकेषु । कामो वसन्तात्ययमन्दवीर्यः केशेषु लेभे बलमङ्गनानाम् ॥
स्नान से गीले बालों में धूप और संध्या की मल्लिकाएँ लगाने पर, वसंत के बाद भी कामदेव को स्त्रियों के केशों में अपनी शक्ति मिलती रही।
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