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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 5
सा साधुसाधारणपार्थिवर्द्धेः स्थित्वा पुरस्तात्पुरहूतभासः । जेतुः परेषां जयशब्दपूर्वं तस्याञ्जलिं बन्धुमतो बबन्ध ॥
वह स्त्री, जो श्रेष्ठ राजाओं के समान तेजस्वी थी, उसके सामने खड़ी होकर विजयी पुरुष की भाँति पहले ही जयघोष करती हुई, विनम्रता से अंजलि बाँधकर खड़ी हुई।
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