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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 39
ततः सपर्यां सपशूपहारां पुरः परार्घ्यप्रतिमागृहायाः । उपोषितैर्वास्तुविधानविद्भिर्निर्वर्तयामास रघुप्रवीरः ॥
इसके बाद रघुवंशी वीर ने वास्तु के जानकारों द्वारा उपवास करके, पशुबलि सहित पूजन की विधि सम्पन्न कराई।
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