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रघुवंशम् • अध्याय 16 • श्लोक 26
सा केतुमालोपवना बृहद्भिर्विहारशैलानुगतेव नागैः । सेना रथोदारगृहा प्रयाणे तस्याभवज्जंगमराजधानी ॥
उसकी सेना, जो विशाल हाथियों और रथों से युक्त थी, चलते समय ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो चलती हुई राजधानी हो।
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