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रघुवंशम् • अध्याय 15 • श्लोक 73
ताः स्वचारित्र्यमुद्दिश्य प्रत्याययतु मैथिली । ततः पुत्रवतीमेनां प्रतिपत्स्ये त्वदाज्ञया॥
इसलिए मैथिली अपने चरित्र के आधार पर उन्हें विश्वास दिलाए, तब तुम्हारी आज्ञा से मैं इस पुत्रवती को तुम्हें सौंप दूँगा।
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