वयोवेषविसंवादि रामस्य च तयोस्तदा । जनता प्रेक्ष्य सादृश्यं नाक्षिकम्पं व्यतिष्ठत॥
राम और उन दोनों के आयु तथा वेश में भिन्नता होते हुए भी उनके समान रूप को देखकर जनता विस्मित होकर स्थिर रह गई।
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