मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
रघुवंशम् • अध्याय 15 • श्लोक 49
अथ धूमाभिताम्राक्षं वृक्षशाखावलम्बिनम् । ददर्श कंचिदैक्ष्वाकस्तपस्यन्तमधोमुखम्॥
तब इक्ष्वाकुवंशी राम ने एक व्यक्ति को देखा जो धुएँ से लाल आँखों वाला, वृक्ष की शाखा पर लटका हुआ, सिर नीचे करके तप कर रहा था।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें