आत्तशस्त्रस्तदध्यास्य प्रस्थितः स रघूद्वहः । उच्चचार पुरस्तस्य गूढरूपा सरस्वती॥
शस्त्र धारण कर उस विमान पर बैठकर जब वह चला, तब उसके आगे गुप्त रूप से सरस्वती ने यह कहा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।