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रघुवंशम् • अध्याय 14 • श्लोक 24
स पौरकार्याणि समीक्ष्य काले रेमे विदेहाधिपतेर्दुहित्रा । उपस्थितश्चारु वपुस्तदीयं कृत्वोपभोगोत्सुकयेव लक्ष्म्या॥
वह समय-समय पर प्रजाकर्मों का निरीक्षण कर विदेहराज की पुत्री के साथ आनन्दपूर्वक रहने लगा और उसका सुन्दर रूप मानो लक्ष्मी को भोग के लिए उत्सुक बना रहा था।
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