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रघुवंशम् • अध्याय 13 • श्लोक 8
रसातलादादिभवेन पुंसा भुवः प्रयुक्तोद्वहनक्रियायाः । अस्याच्छमम्भः प्रलयप्रवृद्धं मुहूर्तवक्त्राभरणं बभूव ॥
जब आदिपुरुष ने पृथ्वी को उठाया, तब यह समुद्र का जल प्रलयकाल में बढ़कर मानो उसके मुख का आभूषण बन गया।
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