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रघुवंशम् • अध्याय 13 • श्लोक 79
क्रोशार्धं प्रकृतिपुरःसरेण गत्वा काकुत्स्थः स्तिमितजवेन पुष्पकेण । शत्रुघ्नप्रतिविहितोपकार्यमार्यः साकेतोपवनमुदारमध्युवास ॥
प्रजा को आगे करके आधा कोस चलने के बाद राम पुष्पक विमान से उतरकर शत्रुघ्न द्वारा सजाए गए अयोध्या के उपवन में रहने लगे।
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