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रघुवंशम् • अध्याय 13 • श्लोक 49
अयं सुजातोऽनुगिरं तमालः प्रवालमादाय सुगन्धि यस्य । यवाङ्कुरापाण्डुकपोलशोभी मयावतंसः परिकल्पितस्ते ॥
यह सुंदर तमाल वृक्ष, जिसकी सुगंधित पत्तियाँ और कोमल अंकुर हैं, तुम्हारे कर्णाभूषण के योग्य प्रतीत होता है।
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