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रघुवंशम् • अध्याय 13 • श्लोक 15
दूरादयश्चक्रनिभस्य तन्वी तमालतालीवनराजिनीला । आभाति वेला लवणाम्बुराशेर्धारानिबद्धेव कलङ्करेखा ॥
दूर से यह समुद्र तट चक्र के समान पतला और तमाल-ताल के वन से नीलवर्ण दिखता है, मानो जल पर खिंची हुई रेखा हो।
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