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रघुवंशम् • अध्याय 12 • श्लोक 7
पित्रा दत्तं रुदन्रामः प्राङ्महीं प्रत्यपद्यत । पश्चाद्वनाय गच्छेति तदाज्ञां मुदितोऽग्रहीत्॥
राम ने पहले रोते हुए पिता का दिया हुआ राज्य स्वीकार किया, फिर वन जाने की आज्ञा को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार कर लिया।
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