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रघुवंशम् • अध्याय 12 • श्लोक 59
इतस्ततश्च वैदेहीमन्वेष्टुं भर्तृचोदिताः । कपयश्चेरुरार्तस्य रामस्येव मनोरथाः॥
राम के आदेश से वानर यहाँ-वहाँ सीता की खोज में ऐसे दौड़ने लगे, जैसे दुखी राम के मन के विचार इधर-उधर भटकते हों।
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