राघवास्त्रविदीर्णानां रावणं प्रति रक्षसाम् । तेषां शूर्पणखैवैका दुष्प्रवृत्तिहराऽभवत्॥
राम के अस्त्रों से विदीर्ण हुए राक्षसों में केवल शूर्पणखा ही ऐसी रही, जिसने उनके दुष्कर्मों को आगे बढ़ाया।
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