स विसृष्टस्तथेत्युक्त्वा भ्रात्रा नैवाविशत्पुरीम् । नन्दिग्रामगतस्तस्य राज्यं न्यासमिवाभुनक्॥
राम की आज्ञा पाकर भरत नगर में प्रवेश नहीं किया, बल्कि नन्दिग्राम जाकर उनके राज्य को धरोहर की भाँति संभालने लगा।
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