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रघुवंशम् • अध्याय 12 • श्लोक 17
तमशक्यमपाक्रष्टुं निदेशात्स्वर्गिणः पितुः । ययाचे पादुके पश्चात्कर्तुं राज्याधिदेवते॥
पिता की आज्ञा के कारण राम को वापस लाना असंभव जानकर भरत ने उनके चरणपादुकाओं को राज्य की अधिष्ठात्री बनाने के लिए माँगा।
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