राम ने उस धनुष के एक सिरे को भूमि पर स्थिर करके उसे चढ़ा दिया; तब वह प्रतिद्वन्द्वी राजाओं के बीच ऐसे निष्प्रभ हो गया, जैसे धूमकेतु धुएँ के समान क्षीण हो जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।