मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
रघुवंशम् • अध्याय 10 • श्लोक 22
चतुर्वर्गफलं ज्ञानं कालावस्थाश्चतुर्युगाः । चतुर्वर्णमयो लोकस्त्वत्तः सर्वं चतुर्मुखात्॥
धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के फलस्वरूप ज्ञान, काल की अवस्थाएँ अर्थात् चार युग, तथा चार वर्णों से युक्त यह संसार—ये सब आपके द्वारा ही, ब्रह्मा के माध्यम से प्रकट हुए हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें