मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
रघुवंशम् • अध्याय 10 • श्लोक 21
सप्तसामोपगीतं त्वां सप्तार्णवजलेशयम् । सप्तार्चिमुखमाचख्युः सप्तलोकैकसंश्रयम्॥
आपको सातों सामों द्वारा गाया गया, सात समुद्रों के जल में शयन करने वाला, सात अग्नियों के मुखरूप तथा सातों लोकों के एकमात्र आश्रय के रूप में कहा गया है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
रघुवंशम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

रघुवंशम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें