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पुत्रगीता • अध्याय 1 • श्लोक 8
पितोवाच- कथमभ्याहतो लोकः केन वा परिवारितः । अमोघाः काः पतन्तीह किं नु भीषयसीव माम् ॥
पिता ने पूछा - बेटा! तुम मुझे भयभीत-सा क्यों कर रहे हो? बताओ तो सही, यह लोक किससे मारा जा रहा है, किसने इसे घेर रखा है और यहाँ कौन-से ऐसे व्यक्ति हैं, जो सफलतापूर्वक अपना काम करके व्यतीत हो रहे हैं?
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