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पुत्रगीता • अध्याय 1 • श्लोक 3
द्विजातेः कस्यचित् पार्थ स्वाध्यायनिरतस्य वै। बभूव पुत्रो मेधावी मेधावी नाम नामतः ॥
कुन्तीकुमार! प्राचीन काल में एक ब्राह्मण थे, जो सदा वेद-शास्त्रों के स्वाध्याय में तत्पर रहते थे। उनके एक पुत्र हुआ, जो गुण से तो मेधावी था ही, नाम से भी मेधावी था।
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