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पुत्रगीता • अध्याय 1 • श्लोक 23
दुर्बलं बलवन्तं च शूरं भीरुं जडं कविम्। अप्राप्तं सर्वकामार्थान् मृत्युरादाय गच्छति ॥
कोई दुर्बल हो या बलवान्, शूरवीर हो या डरपोक तथा मूर्ख हो या विद्वान्, मृत्यु उसकी समस्त कामनाओं के पूर्ण होने से पहले ही उसे उठा ले जाती है।
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