चिति (चित् शक्ति) के (स्वभावसिद्ध) बल को प्राप्त करने पर वह (साधक) विश्व को आत्मसात् कर लेता है (अपने स्वरूप में समीकरण कर लेता है)।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रत्यभिज्ञाहृदयम के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रत्यभिज्ञाहृदयम के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।