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प्रश्न • अध्याय 6 • श्लोक 7
तान्‌ होवाचैतावदेवाहमेतत्‌ परं ब्रह्म वेद। नातः परमस्तीति ॥
और, ऋषि पिप्पलाद ने उनसे कहा - परम ब्रह्म के विषय में मैं इतना ही जानता हूँ। इससे परतर 'उच्चतर' अन्य कुछ भी नही है।
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