स ईक्षांचक्रे।
कस्मिन्नहमुत्क्रान्त उत्क्रान्तो भविष्यामि कस्मिन् वा प्रतिष्ठिते प्रतिष्टस्यामीति ॥
उस पुरुष ने विचार किया—
“जब मैं शरीर से निकल जाऊँगा तो किस आधार पर स्थित रहूँगा? और जब मैं किसी में प्रतिष्ठित रहूँगा, तब किसमें स्थिर रहूँगा?”
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रश्न के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।