ऋग्वेद के द्वारा इहलोक (पृथ्वी) को प्राप्त करते हैं, अन्तरिक्ष को यजुर्वेद के द्वारा, किन्तु सामवेद के द्वारा 'उसे' जिसे ऋषि ही जानते हैं। विद्वान् पुरुष 'ओंकार' में स्थित होकर ही उस लोक को प्राप्त करते हैं, वे उस 'परमा शान्ति' को भी प्राप्त करते हैं जहाँ जरा का प्रभाव है तथा 'अमृतत्व' के द्वारा भय से मुक्ति मिल जाती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रश्न के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।