तब सौर्यायणी गार्ग्य ने पूछा—
“हे भगवन्! इस पुरुष में कौन-कौन स्वप्नावस्था में रहते हैं, कौन जाग्रत रहते हैं, कौन-सा देव स्वप्नों को देखता है, किसमें सुख का अनुभव होता है, और अंततः सब कुछ किसमें प्रतिष्ठित रहता है?”
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