तत्पश्चात् सौर्यायणी (सूर्यवंशी) गार्ग्य ने उनसे पूछा - भगवन्! इस 'सत्ता' (पुरुष) में कौन सोते हैं तथा कौन जागते हैं? कौन है यह देव जो स्वप्न देखता है अथवा किसका है यह सुख? किसमें ये सब विलीन (समाहित) हो जाते हैं?
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रश्न के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।