हे प्राण! तू ही इन्द्र है (तेज और शक्ति का रूप), तू ही रुद्र है (संहार एवं संरक्षणकर्ता)। तू रक्षक होकर सबका परिपालन करता है।
तू अन्तरिक्ष में विचरण करता है और तू ही सूर्य है—अर्थात् ज्योतियों का अधिपति भी तू ही है।
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