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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 9 • श्लोक 3
सूक्ष्माणि महाभूतान्यसवः पञ्चेन्द्रियाणि पञ्चैव । षोडशमन्तःकरणं तत्संघातो हि लिङ्गतनुः ॥
पाँच सूक्ष्म महाभूत, पाँच प्राण, पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ और सोलहवाँ अन्तःकरण - इन तत्त्वों के समूह का नाम ही 'सूक्ष्म शरीर' है।
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