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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 9 • श्लोक 2
स्थूलं निरूपितं प्रागधुना सूक्ष्मादितो ब्रूमः । अङ्गुष्ठमात्रः पुरुषः श्रुतिरिति यत्प्राह तत्सूक्ष्मम् ॥
स्थूल शरीर का तो पहले निरूपण हो चुका, अब सूक्ष्मादि का वर्णन करते हैं। जिसको श्रुति ने 'अंगुष्ठमात्र पुरुष' कहा है वही यह सूक्ष्म शरीर है।
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