स्थूल शरीर का तो पहले निरूपण हो चुका, अब सूक्ष्मादि का वर्णन करते हैं। जिसको श्रुति ने 'अंगुष्ठमात्र पुरुष' कहा है वही यह सूक्ष्म शरीर है।
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