माया तावददृश्या दृश्यं कार्यं कथं जनयेत् ।
तन्तुभिरदृश्यरूपैः पटोऽत्र दृश्यः कथं भवति ॥
यदि कहें कि माया तो अव्यक्त है वह इस व्यक्त प्रपञ्च को कैसे उत्पन्न कर सकती है? तो यह बताओ कि अदृश्यरूप सूक्ष्म तन्तुओं से दृश्य (स्थूल) पट कैसे उत्पन्न हो जाता है?
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