तदुपरान्त गुड़ को दूर से देख लेने के समान दूसरी प्रतीति गुरुद्वारा होती है और उससे गुड़भक्षणजनित सुख के समान आत्मा की (साक्षात्) प्रतीति होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।