कुओं और बड़े-बड़े झरनों में वर्षाऋतु में अधिक जल इकट्टा हो जाने से वह खारा हो जाता है, किन्तु ग्रीष्मऋतु में सूखकर अल्प परिमाण में रह जाने पर उनका जल मीठा हो जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।