नाना योनियों में भ्रमण करते हुए पिता, माता, भाई, बहिन, पितृब्य और जामाता आदि सम्बन्धियों का मेल मार्ग में ठहरे हुए पथिको के संयोग के समान क्षणभर के लिये ही होता हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।