पुत्र से सद्गति होती है - यह सर्वथा युक्ति-विरुद्ध है। (हम तो समझते हैं) इस प्रकार मूढ़ लोग शारीरिक कष्ट उठाकर दुःखों को ही मोल लेते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।