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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 19 • श्लोक 7
पातु गोकुलमाकुलमशनितटिद्वर्षणैः कृष्णः । असहायएकहस्ते गोवर्धनमुद्दधारोच्चैः ॥
वज्र, बिजली और वर्षा से व्याकुल गोकुल की रक्षा करने के लिये कृष्णचन्द्र ने बिना किसी की सहायता के ही एक हाथ पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया।
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