जो अपने तेज के कारण अति असह्य था, बन में लगे हुए उस दावानल को पीकर उसके कारण दग्ध और मुग्ध हुए समस्त गोपों की कृपासागर भगवान्ने रक्षा की।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
प्रबोधसुधाकर के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
प्रबोधसुधाकर के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।