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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 19 • श्लोक 24
काम्योपासनयार्थयन्त्यनुदिनं किंचित्फलं सेप्सितं किंचित्स्वर्गमथापवर्गमपरैर्योगादियज्ञादिभिः । अस्माकं यदुनन्दनाङ्घ्रियुगलध्यानावधानार्थिनां किं लोकेन दमेन किं नृपतिना स्वर्गापवर्गैश्च किम् ॥
कोई लोग तो सकाम उपासना के द्वारा नित्यप्रति अपने किसी अभीष्ट फल की प्रार्थना किया करते हैं, और कोई योग तथा यज्ञादि अन्य साधनों से स्वर्ग और अपवर्ग की याचना करते हैं। किन्तु श्रीयदुनाथ के चरण कमलों के ध्यान में ही सावधान रहने के इच्छुक इम लोगों को लोक से, दम से, राजा से, स्वर्ग से और अपवर्ग से क्या काम है?
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