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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 19 • श्लोक 15
ये यदुनन्दननिहतास्ते तु न भूयः पुनर्भवं प्रापुः । तस्मादवताराणामन्तर्यामी प्रवर्तकः कृष्णः ॥
यदुनन्दन ने जिन-जिनका वध किया उनको तो फिर पुनर्जन्म की प्राप्ति हुई नहीं; अतः समस्त अवतारों के प्रवर्तक अन्तर्यामी श्रीकृष्णचन्द्र ही हैं।
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