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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 19 • श्लोक 13
हरिसंदर्शनयोगात्पृथुरणतीर्थे निमज्जते तस्मै । भगवान्नु प्रददाद्यः सद्यश्चैद्याय सायुज्यम् ॥
हरि के दर्शन का सुयोग मिल जाने से अति महान् युद्ध-तीर्थ में दूब जाने वाले उस चेदिराज शिशुपाल को भगवान्‌ ने तुरन्त सायुज्य मुक्ति दे दी।
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