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प्रबोधसुधाकर • अध्याय 19 • श्लोक 12
देहकृतादपराधाद्वैकुण्ठोत्कण्ठितान्तरात्मानम् । यदुवरकुलावतंसः कंसं विध्वंसयामास ॥
अपने देहकृत अपराधों से ही बैकुण्ठ-प्राप्ति की उत्कण्ठा बाले कंस को यदुकुलभूषण कृष्णचन्द्र ने नष्ट कर दिया।
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