जिस प्रकार गोलाकार सूर्य-मण्डल साक्षात् एक देश में ही दिखायी देता है, किन्तु वह सम्पूर्ण जगत् को प्रकाशित करता है और सब को एक साथ ही सब जगह दीखता भी है।
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