मिट्टी खाने पर कुपित होकर माता यशोदा ने जब मुँह खोला तो जिन्होंने उस (मुख) में ही सारा ब्रह्माण्ड दिखा दिया, वे ही यदि स्वयं विश्वरूप हो गये तो क्या आश्चर्य है?
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