समाधान - उन अति मनोहर, अभिनवरूप श्रीकृष्णचन्द्र को देखकर मोहित हुई गोपियाँ ही उनकी मन-ही-मन इच्छा करती थीं और (उनके न मिलने पर) कामातुरा होकर अत्यन्त विरहाकुला हो जाती थीं।
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